दोस्तो आज कल लेटर का काम इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों ने ले लिया है,लेकिन सरकारी दफ्तरों में आज भी लेटर से काम होता है और कई लोग ऐसे है जिन्हे लेटर लिखना अच्छा लगता है इसलिए लेटर अभी भी लिखा जाता है। लेटर का इतिहास काफी सालो का है इसलिए हमे लेटर को भूलना नहीं चाहिए। हम यह पोस्ट Format Of Informal Letter In Hindi में Informal Letter के बारे में बात करने वाले है।

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हम Informal Letter के बारे में बात करे उससे पहले आपको यह जानना जरूरी है की लेटर दो प्रकार से लिखे जाते है Formal और Informal यह पोस्ट में हम Informal Letter Format के बारे में बात करेंगे और साथ में Informal Letter Kaise लिखा जाता है उसके पर भी बात करेंगे तो यह पोस्ट को पूरा पढ़े।

फॉर्मेट ऑफ़ इनफॉर्मल लेटर इन हिंदी | अनौपचारिक पत्र कैसे लिखे 

Informal Letter को हिंदी में अनौपचारिक पत्र भी कहा जाता है यह पत्र उन लोगो को लिखते है जिनसे हमारा व्यक्तिगत संबंध रहता है। अपने परिवारजनों और दोस्तो को उनके हालचाल पूछने, निमंत्रण देने और सूचना देने के लिए यह पत्र को लिख सकते है। यह पत्र में आप अपनी भाषा का प्रयोग कर सकते है सिर्फ उतना ध्यान रखे की सामने वाले को पता लगना चाहिए की आप क्या कह रहे है। यह पत्र द्वारा आप अपने भाव को प्रगट कर सकते है। 

Informal Letter Format

(विशेष अवसरों पर लिखे गए पत्र)

आदर्श हॉस्टल,
मुंबई, महाराष्ट्र। 
दिनांक: ०२/०६/२०२१ 

चरण स्पर्श पिताजी, 

पिताजी में यहाँ कुशल मंगल हु और आशा करता हु की आप भी वह कुशल होंगे। पिछले हप्ते मेरे जन्म दिन पर आपका पत्र मिला और उसमे आपने आपके न आने का कारण बताया था, में उस बात को लेटर नाराज हु, में कितने दिनो से आपके आने की उम्मीद लगा कर बैठा था पर आपने न आ कर सारी उम्मीद पर पानी फेर दिया। 

उस पत्र के साथ आपने जन्मदिन का उपहार भी भेजा था, लेकिन उपहार की जगह आप आते तो मुझे ज्यादा खुसी होती। पर क्या करे मैंने आपके न आने का कारण जाना इसलिए में उपहार से ही काफी ख़ुश हु। आपने उपहार भी मेरी रूचि के मुताबिक दिया है, मुझे पुस्तक पढ़ना काफी अच्छा लगता है इसलिए आपके द्वारा उपहार में दिया गया भगवदगीता का पुस्तक जीवन जीने के लिए काफी महत्वपूर्ण है। मैंने आधी पुस्तक तो पढ़ ली है और कुछ ही दिन में यह पुस्तक को पूरा पढ़लुँगा और हर पल में यह पुस्तक को अपने साथ रखूँगा। जिसे आप हर पल मेरे साथ है ऐसा मुझे अहसास होगा। 

माताजी को मेरा चरणस्पर्श कहियेगा और गुड्डी को मेरा बहुत सारा स्नेह दीजियेगा। दो महीने बाद मुझे छुट्टिया मिलने वाली है, जैसे ही मुझे छुट्टिया मिलेगी में आप सब से मिलने जरूर आऊंगा। 

आपका आज्ञाकारी पुत्र 
रवि  

उपरोक्त पत्र से आप आईडिया ले सकते हो और यही फॉर्मेट  इस्तमाल करके आप अपनी जरूरियात के हिसाब से पत्र लिख सकते है।

अनौपचारिक पत्र लिखते वक्त आप निचे बताई गई बातो का ध्यान रखे। 

  • सरल भाषा का प्रयोग कीजिये। 
  • आप जिसे पत्र लिखते है उसका पद, आयु, योग्यता यदि का ध्यान रखना जरुरी है। जैसे की (आपसे बड़ो के लिए आदरणीय, पूजनीय, पूज्य अदि शब्दों का प्रयोग कीजिये और आपसे छोटे है उनके लिए प्रिय, प्रियवर, स्नेही अदि शब्दों का प्रयोग कीजिये।)
  • पत्र का आरंभ और अंत प्रभावशाली होना चाहिए। 
  • जिस कागज पर आप लिख रहे है उसे स्वच्छ रखे, जिससे आपका प्रभाव अच्छा पड़ता है। 

अनौपचारिक पत्र लिखते वक्त निचे दिए गए फॉर्मेट का ध्यान रखे।

पत्र लिखने वाले का पता
दिनांक -------
संबोधन ----------
अभिवादन ----------
प्रथम अनुच्छेद ----------(कुशल-मंगल समाचार ) 
द्वितीय अनुच्छेद ----------(विषय वास्तु ,जिस बारे में पत्र लिखना है उसके बारे में लिखे) 
तृतीया अनुच्छेद -----(समाप्ति )
प्रापक से साथ प्रेषक का सम्बन्ध 
प्रेषक का नाम -----
 
हमारे यह पोस्ट Format Of Informal Letter In Hindi में से आईडिया लेकर अपनी जरूरियात पर पत्र लिख सकते है। हमें आपका सुझाव चाहिए की आपको यह आर्टिकल कैसा लगा आप हमें कमेंट के जरिये बता सकते है। 

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